संत गरीबदास जी महाराज बोध दिवस 2025: संत गरीबदास जी महाराज बोध दिवस 2025, 11 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। यह दिन हिन्दू कैलेंडर के अनुसार विक्रम संवत 2080 फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को पड़ता है। बोध दिवस किसी संत या महापुरुष के जन्मदिन की भांति नहीं होता, बल्कि यह उस दिन को संदर्भित करता है जब किसी पुण्य आत्मा को पूर्ण परमात्मा से साक्षात्कार का सौभाग्य प्राप्त होता है। यही वह दिन होता है जब उसे जीवन के वास्तविक उद्देश्य का ज्ञान होता है और वह मोक्ष की ओर अग्रसर होता है।
गरीबदास जी महाराज को परमेश्वर कबीर साहेब द्वारा प्रदत्त ज्ञान
संत गरीबदास जी महाराज बोध दिवस 2025: संत गरीबदास जी महाराज को 10 वर्ष की आयु में परमेश्वर कबीर साहेब जी ने अपने दिव्य दर्शन देकर तत्वज्ञान प्रदान किया था। इस दिव्य घटना के दौरान कबीर परमेश्वर जी ने उन्हें अपने साथ लेकर सतलोक, अक्षर पुरुष का लोक, काल ब्रह्म का लोक तथा अन्य आध्यात्मिक रहस्यों के दर्शन कराए। साथ ही, उन्होंने गरीबदास जी को आत्मा की मुक्ति का सच्चा मार्ग दिखाया और सत्य भक्ति की विधि बताई।
गरीबदास जी महाराज को तत्वज्ञान प्राप्त होने के बाद उन्होंने इस अमृत ज्ञान को अपने दोहों और चौपाइयों के रूप में संकलित करवाया, जो आज “श्री सद्ग्रंथ साहेब” के रूप में प्रसिद्ध है। इसमें उन्होंने पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर की महिमा, सृष्टि की उत्पत्ति, मोक्ष का मार्ग और सतगुरु की महत्ता का वर्णन किया है।

बोध दिवस 2025 पर आयोजित कार्यक्रम
संत गरीबदास जी महाराज बोध दिवस 2025: गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस के शुभ अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 09 से 11 मार्च 2025 तक तीन दिवसीय महासमागम का आयोजन 11 सतलोक आश्रमों किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर विभिन्न आध्यात्मिक और समाज कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- अखंड पाठ – पूरे सतलोक आश्रमों में श्री सद्ग्रंथ साहेब का पाठ किया जाएगा।
- विशाल भंडारा – सभी श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क प्रसाद वितरण किया जाएगा।
- विशाल सत्संग समारोह – संत गरीबदास जी महाराज द्वारा बताए गए सत्य ज्ञान और सत भक्ति के महत्व पर प्रवचन दिए जाएंगे।
- रक्तदान शिविर – मानव सेवा के उद्देश्य से रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
- दहेज रहित विवाह (रमैनी विवाह) – समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने हेतु दहेज मुक्त विवाह संपन्न कराए जाएंगे।
इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालु अपने परिवार सहित आमंत्रित हैं और इस आध्यात्मिक लाभ का लाभ उठा सकते हैं। आयोजन स्थल है –
- सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली)
- सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा)
- सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
- सतलोक आश्रम भिवानी (हरियाणा)
- सतलोक आश्रम धुरी (पंजाब)
- सतलोक आश्रम खमानो (पंजाब)
- सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान)
- सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश)
- सतलोक आश्रम बैतूल (मध्यप्रदेश)
- सतलोक आश्रम जनकपुर (नेपाल)
- सतलोक आश्रम इंदौर (मध्यप्रदेश)
गरीबदास जी महाराज की जीवनी
जन्म और परिवार
संत गरीबदास जी महाराज का जन्म सन् 1717 (विक्रम संवत 1774) में हरियाणा प्रांत के झज्जर जिले के छुड़ानी गांव में हुआ था। वे जाट धनखड़ वंश से संबंधित थे। उनके पिता बलराम जी और माता रानी देवी जी थीं। उनके नाना श्री शिवलाल सिहाग के कोई पुत्र नहीं था, इसलिए उनके पिता घरजवांई बनकर छुड़ानी में ही रहने लगे थे।
गरीबदास जी अपने बचपन में ग्वालों के साथ गाय चराने जाते थे, और इसी दौरान उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण घटना घटी, जब परमेश्वर कबीर साहेब ने उन्हें दर्शन दिए।

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गरीबदास जी महाराज और परमेश्वर कबीर साहेब का मिलन
जब गरीबदास जी 10 वर्ष के थे, तो वे अपने साथियों के साथ भोजन कर रहे थे। तभी परमेश्वर कबीर साहेब जिंदा बाबा के रूप में प्रकट हुए और गरीबदास जी को दिव्य ज्ञान दिया। इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी –
- कुंवारी बछिया से दूध निकालना – परमेश्वर कबीर जी ने गरीबदास जी की एक कुंवारी बछिया के थनों को आशीर्वाद दिया और वह दूध देने लगी।
- सत्यलोक की यात्रा – कबीर परमेश्वर जी ने गरीबदास जी की आत्मा को उनके शरीर से बाहर निकालकर उन्हें सत्यलोक, काल ब्रह्म के लोक, विष्णु लोक, ब्रह्मा लोक, शिव लोक और अन्य ब्रह्मांडों के दर्शन कराए।
- सत्यपुरुष का साक्षात्कार – गरीबदास जी को सत्यलोक में ले जाकर परम अक्षर ब्रह्म (सत्यपुरुष) का दर्शन कराया गया।
गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहेब ने सतनाम, सारनाम और सच्चे भक्ति मार्ग का उपदेश दिया और पुनः पृथ्वी पर लौटने का आदेश दिया।

गरीबदास जी महाराज के उपदेश और शिक्षाएं
गरीबदास जी महाराज ने अपने अमृतवाणी दोहों और चौपाइयों में सत्य भक्ति और मोक्ष मार्ग को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा –
1. सतगुरु की महत्ता:
“जिन मुझको निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सिरजनहार।।”
2. सतनाम की शक्ति:
“गरीब, जम जौरा जासे डरें, धर्मराय धरै धीर।
ऐसा सतगुरु एक है, अदली असल कबीर।।”
3. मांसाहार और शराब का त्याग:
“सुरापान मद्य मांसाहारी, गमन करे भोगे पर नारी।
सत्तर जन्म कटत है शीशं, साक्षी साहिब है जगदीशं।।”
4. बंदी छोड़ संत का उद्देश्य:
“अमर करू सतलोक पठाउं, ताते बन्दी छोड़ कहाउं।।”
गरीबदास जी महाराज का सतलोक गमन
संत गरीबदास जी महाराज ने 61 वर्ष की आयु में सन् 1778 में सतलोक गमन किया। उन्होंने अपने जीवन के दौरान जन-जन तक सत्य ज्ञान पहुँचाने का कार्य किया और अनगिनत लोगों को भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. गरीबदास जी महाराज बोध दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: गरीबदास जी महाराज बोध दिवस 11 मार्च 2025 को मनाया जाएगा।
Q2. गरीबदास जी को ज्ञान किसने दिया?
उत्तर: परमेश्वर कबीर साहेब जी ने 10 वर्ष की आयु में गरीबदास जी को तत्वज्ञान प्रदान किया था।
Q3. गरीबदास जी महाराज कौन थे?
उत्तर: गरीबदास जी महाराज सत्यपुरुष परमेश्वर कबीर जी के द्वारा प्रदत्त तत्वज्ञान के प्रचारक और “श्री सद्ग्रंथ साहेब” के रचयिता थे।
Q4. गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस पर क्या आयोजन होते हैं?
उत्तर: इस अवसर पर सभी सतलोक आश्रम में अखंड पाठ, विशाल भंडारा, सत्संग, रक्तदान शिविर और दहेज रहित विवाह जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
Q5. गरीबदास जी का मुख्य ग्रंथ कौन सा है?
उत्तर: गरीबदास जी महाराज का मुख्य ग्रंथ “श्री सद्ग्रंथ साहेब” है।
इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुजन सपरिवार आमंत्रित हैं और इस आध्यात्मिक महोत्सव में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करें। सत साहेब जी!






मेरे गुरु जी का अनमोल ज्ञान है
संत गरीबदास जी महाराज का बोध दिवस 11 मार्च 2025 को नेपाल सहित 11 सतलोक आश्रमों में मनाया जाता है जिसमें पाठ प्रकाश भंडारा और प्रदर्शनी लगाया जाता है जिसमें सभी ग्रंथों के बुक रखे जाते है और रक्तदान शिविर आंखों की नि शुल्क जाँच ओर दहेज मुक्त विवाह आप भी आए 🙏🏻