Eid ul Adha 2025: (ईद-उल-अज़हा), जिसे बकरीद (Bakrid in Hindi) के नाम से भी जाना जाता है, इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम (अलैहिस्सलाम) की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था और उनके पुत्र हजरत इस्माइल को कुर्बान करने की तैयारी की याद में मनाया जाता है। लेकिन क्या अल्लाह ने वास्तव में जानवरों की कुर्बानी का आदेश दिया था? क्या अल्लाह अपने ही बनाए हुए जीवों की कुर्बानी से खुश होता है? आइए, इस ब्लॉग में इन सवालों के जवाब ढूंढ़ते हैं।
बकरीद 2025 कब है
Eid ul Adha 2025: ईद-उल-अज़हा (Bakrid 2025) इस साल 6 जून 2025 की शाम से शुरू होकर 7 जून 2025 तक मनाई जाएगी। यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के 12वें महीने (धू अल-हिज्जा) की 10वीं तारीख को मनाया जाता है।
बकरीद क्यों मनाई जाती है?
बकरीद का अर्थ है “कुर्बानी की ईद”। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, हजरत इब्राहिम (अलैहिस्सलाम) ने अल्लाह के आदेश पर अपने पुत्र हजरत इस्माइल को कुर्बान करने का निर्णय लिया था। लेकिन जब उन्होंने ऐसा करने का प्रयास किया, तो अल्लाह ने उनके पुत्र को बचा लिया और एक दुम्बा (भेड़) को कुर्बान करने का आदेश दिया।
प्रश्न:
- अगर अल्लाह ने हजरत इस्माइल को बचा लिया, तो फिर आज मुसलमान बकरों की कुर्बानी क्यों देते हैं?
- क्या अल्लाह जीव हत्या से खुश होता है?
क्या हजरत मुहम्मद ने मांस खाया था?
Eid ul Adha 2025 in Hindi: हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवन चरित्र से पता चलता है कि वे अत्यंत दयालु थे और किसी भी जीव को तकलीफ देना उन्हें पसंद नहीं था। कुछ ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार, हजरत मुहम्मद ने कभी मांस नहीं खाया और न ही उन्होंने अपने अनुयायियों को मांस खाने के लिए प्रोत्साहित किया।
क्या यह सच है?
- क्या हजरत मुहम्मद ने कभी जानवरों की हत्या का आदेश दिया?
- क्या आज का बकरीद का रिवाज़ हजरत मुहम्मद के सिद्धांतों के विपरीत है?
क्या कुरान में मांस खाने का आदेश है?
कुरान शरीफ में अल्लाह ने मनुष्यों को फल, सब्जियाँ और अनाज खाने का आदेश दिया है। सूरह अल-फुरकान (25:58-59) में अल्लाह कहता है:
“और उस जिंदा (अल्लाह) पर भरोसा रखो जो कभी नहीं मरेगा… वही अल्लाह कबीर है जिसने आसमान और जमीन को छह दिन में बनाया। उसको पाने का रास्ता किसी बाख़बर (तत्वदर्शी संत) से पूछो।”
प्रश्न:
- अगर अल्लाह ने मांस खाने का आदेश नहीं दिया, तो फिर बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी क्यों?
- क्या कुरान में कहीं लिखा है कि अल्लाह जीवों की कुर्बानी चाहता है?
अल्लाह का कुर्बानी के बारे में क्या आदेश है?
Eid ul Adha 2025: कुरान में अल्लाह ने “नेकी और भक्ति” को सबसे बड़ी कुर्बानी बताया है, न कि जानवरों की हत्या को। सूरह अल-हज (22:37) में कहा गया है:
“न तो उनका मांस अल्लाह तक पहुँचता है और न ही उनका खून, बल्कि उस तक पहुँचता है तुम्हारा तक़वा (ईमान)।”
क्या इसका मतलब है कि अल्लाह को कुर्बानी का मांस नहीं, बल्कि इंसान की नेकी चाहिए?
क्या अल्लाह कबीर ने कुर्बानी का आदेश दिया?
पवित्र कुरान के अनुसार, अल्लाह कबीर (सर्वोच्च परमात्मा) ने कभी भी जीव हत्या का आदेश नहीं दिया। संत गरीबदास जी ने कहा:
“मांस कटै घर घर बटै, रूह गई किस ठौर। गरीबदास उस दरबार में, होय काजी बड़ गौर।”
अर्थात, जो लोग निर्दोष जानवरों की हत्या करते हैं, उन्हें अल्लाह के दरबार में सजा मिलेगी।
हमारे पापों का नाश कैसे होगा?
कुरान (सूरह फुरकान 25:59) कहता है:
“अल्लाह कबीर को पाने का रास्ता किसी बाख़बर (तत्वदर्शी संत) से पूछो।”
क्या आज कोई ऐसा बाख़बर संत है जो अल्लाह तक पहुँचने का सही रास्ता बता सके?
कुरान में तत्वदर्शी संत (बाख़बर) की पहचान
कुरान (सूरह 42, आयत 1) में अल्लाह को पाने के लिए तीन गुप्त मंत्र (अन-सीन-काफ) बताए गए हैं। ये मंत्र वही हैं जो श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 17, श्लोक 23) में “ओम-तत्-सत्” के रूप में बताए गए हैं।
क्या कोई संत इन मंत्रों की सही विधि बता सकता है?
मन नेकी करो, जीवन नश्वर है
कबीर साहेब ने कहा:
“दिन को रोजा रहत हैं, रात हनत हैं गाय। यह खून वह बन्दगी, कहुं क्यों खुशी खुदाय।”
अर्थात, अगर दिन में रोजा रखकर रात को जानवर मारे जाएँ, तो अल्लाह खुश नहीं होता।
अल्लाहु अकबर का सच्चा ज्ञान किसने दिया?
आज के युग में, संत रामपाल जी महाराज ही वह बाख़बर संत हैं जो कुरान और गीता के अनुसार अल्लाह/परमात्मा को पाने की सही भक्ति विधि बताते हैं। उनकी शरण में आकर ही मनुष्य अपने पापों से मुक्त हो सकता है।
बकरीद से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ)
Q1. बकरीद 2025 में कब है?
- 7 जून 2025 को।
Q2. क्या बकरीद पर छुट्टी होती है?
- हाँ, भारत में सार्वजनिक अवकाश होता है।
Q3. क्या अल्लाह जानवरों की कुर्बानी चाहता है?
- नहीं, अल्लाह को नेकी और सच्ची भक्ति चाहिए।
Q4. क्या हजरत मुहम्मद ने मांस खाया था?
- ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि वे शाकाहारी थे।
निष्कर्ष
Eid ul Adha 2025: बकरीद का वास्तविक उद्देश्य अल्लाह के प्रति समर्पण और नेकी है, न कि जानवरों की हत्या। कुरान और हदीसों के अनुसार, अल्लाह को मांस नहीं, बल्कि इंसान की भक्ति और अच्छे कर्म चाहिए। अगर आप अल्लाह की सच्ची इबादत करना चाहते हैं, तो संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान को समझें और सच्ची भक्ति का मार्ग अपनाएँ।
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